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सोमवार, 18 मार्च 2013

"होमियोपैथी सर्वोतम क्यों"


(होमियोपैथी के जनक डा. हेनीमैन)

होमियोपैथिक चिकित्सा दुनियाँ भर में एक जानी मानी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति है। यह औषधियों के विषय में ज्ञान और इसके अनुप्रयोग पर आधारित चिकित्सा पद्धति है। आज होमियोपैथी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। खास बात यह है की इस पद्धति में रोगी पर लगातार नजर रखते हुए रोग से उत्पन्न शारीरिक और मानसिक लक्षणों के आधार पर ही चिकित्सा की जाती है अर्थात इस पद्धति में बीमारी के आधार  पर नही वरन रोगी के तन मन के हालात  को देखते हुए चिकित्सा की जाती है।होम्योपैथी 'समः समं, शमयति' के सिद्धांत पर काम करती है, जिसका अर्थ है समान की समान से चिकित्सा अर्थात एक तत्व जिस रोग को पैदा करता है, वही उस रोग को दूर करने की क्षमता भी रखता है। इस पद्धति के द्वारा रोग को जड़ से मिटाया जाता है।  आइये अब देखते है होमियोपैथी क्यों महत्वपूर्ण हैं हमारी जिन्दगी में ....
  • एलोपैथिक और आयुर्वेदिक की तुलना में होमियोपैथिक दवाएं बहुत ही सस्ती होती हैं।
  • एलोपैथिक की तरह कई प्रकार के महंगे जाँच की आवश्यकता नही होती है। चूंकि इस पद्धति में डॉक्टर रोग की पहचान करने एवं दवा का चयन करने के लिए लक्षणों पर भरोसा करते हैं, रोग की पहचान की प्रक्रिया मंहगी नहीं होती।
  • होम्योपैथिक दवाए रोगी की जीवनी शक्ति को उत्प्रेरित कर उसे रोग से मुक्ति दिलाती है।
  • पुराना से पुराना रोग भी होमियोपैथी चिकित्सा से समाप्त किया जा सकता है।
  • होम्योपैथि में रोग का नही रोगी का इलाज किया जाता है। इसके लिए रोगी के शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत किया जाता है ताकि वह खुद ही बीमारी से लड़ सके।
  • होम्योपैथिक दवाएँ बिलकुल हानिरहित और बिना साइड इफेक्ट के रोग को जड़  से समाप्त करने में सक्षम है।
  • होमियोपैथी में मनुष्य को अंगों का एक समूह नहीं, बल्कि एक इकाई मानकर उसका पूरा इलाज किया जाता है। इसलिए शरीर के अलग-अलग भागों का इलाज कराने के लिए अलग-अलग विशेषज्ञों के पास जाने की आवश्यकता नहीं। इस प्रकार यह एलोपैथ से सस्ती पद्धति है।
  • होमियोपैथिक दवाएं को मनुष्य पर आजमाकर इनके प्रभाव को परखा जाता है, जानवरों पर नहीं,इस प्रकार यह सौ प्रतिशत निरापद है।
  •  होमियोपैथ दवाएं मीठी गोलियों  या तरल रूप में दी जाती हैं, जिन्हें लेना बहुत आसान होता है। इसी कारण बच्चे भी  होमियोपैथिक दवाएं लेने के लिए आसानी से तैयार हो जाते हैं।
  • होमियोपैथिक दवाएं एक्यूट और क्रॉनिक (नयी  और पुरानी ) दोनों प्रकार के रोगों में प्रभावी होती हैं। इस पद्धति में कई ऐसी क्रॉनिक बीमारियों का इलाज होता है, जो दूसरी पद्धति में असाध्य मानी जाती हैं।
  • होमियोपैथ पाचन तंत्र को व्यवधान नहीं पहुंचाता और ना ही वह एंटीबायोटिक्स की तरह प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है।
  •  होमियोपैथिक दवाएं सुरक्षित होती हैं और एलोपैथ दवाओं के विपरीत, ये दवाएं सामान्यतः साइड इफैक्ट रहित होती हैं। 
  •  होमियोपैथिक दवाएं कोई रासायनिक क्रिया नहीं करतीं और शरीर के अपने प्रतिरक्षा प्रणाली एवं रोग निदान की शक्ति को उत्तेजित करती हैं।
  • यह कई एलर्जिक रोगों में भी बहुत ही प्रभावकारी है।
  • चूंकि यह एक निरापद  चिकित्सा पद्धति है, इसका उपयोग कभी भी और  किसी भी व्यक्ति(नवजात शिशु, बूढे लोगों, गर्भवती स्त्रियों) के लिए हो सकता है।
  • होमियोपैथी उपचार को इंसानों में होनेवाले अनेक संक्रामक रोगों के उपचार के लिए सफ़ल माना जाता है। यह उपचार अनेक गम्भीर और जानलेवा संक्रामक रोगों के उपचार में भी सफ़ल माना जाता है।
  • इन दवाओं के कोई दुष्प्रभाव नहीं होते हैं या दवाओं से मरीज़ का सामान्य स्वास्थ्य भी बिगडता नहीं है। होमियोपैथी दवा के उपचार से प्रतिरोधक क्षमता को बढावा मिलता है।
  •  होमियोपैथी दवाईयां उन लोगों में भी असरकारक होती हैं, जिन्होंने दुष्प्रभावों के कारण एलोपैथी उपचार को बन्द कर दिया हो।
  • होमियोपैथी उपचार सुरक्षित हैं और कुछ विश्वसनीय शोधों के अनुसार कैंसर और उसके दुष्प्रभावों के इलाज के लिए होमियोपैथी उपचार असरदायक हैं। यह उपचार आपको आराम दिलाने में मदद करता है और तनाव, अवसाद, बैचेनी का सामना करने में आपकी मदद करता है।
  • कई रोगों में जहां अन्य चिकित्सा पद्धति में सर्जरी ही एकमात्र इलाज है जैसे- टांसिलाइटिस, अपेंडिसाइटिस, मस्से, ट्यूमर, पथरी, बवासीर आदि। इनमें भी होम्योपैथी कारगर है।
  • होम्योपैथिक चिकित्सा कमर दर्द, गर्दन दर्द, आथ्र्राइटिस, ओस्टियो - आथ्र्राइटिस, गठिया, सियाटिका, कैंसर पीड़ा, सिर दर्द, माइग्रेन, इरीटेबल बाउल सिंड्रोम, साइनुसाइटिस, डिस्क समस्या, पेट दर्द, हर्पिज, न्यूरेल्जिया और डायबेटिक न्यूरोपैथी जैसे किसी भी तरह के दर्द का सफलतापूर्वक निवारण हो सकता है।
The result of a good homeopathic treatment can improve your outlook towards life both in terms of physical and psychological emotions, increase your energy levels, improve your focus, better the quality of your life, and reduce the incidence of developing health problems that you might be afflicted with for the years to come. 
  1. Homeopathy, the remedies are natural, prepared from extremely minute quantities of herbs, minerals and animal sources. 
  2. Homeopathy ensures a rapid, gentle and permanent cure. 
  3. Homeopathy classically administers one single indicated remedy 
  4. Homeopathy negates surgery. 
  5. Homeopathy when administered in minimal dose of an indicated medicine has no side effects. 
  6. Homeopathy, the remedies are tested not only on animals, but also on humans. 
  7. Homeopathy employs psychological emotions while treating the ill-healthy. 
  8. Homeopathy improves general resistance while addressing the symptoms. 
  9. Homeopathy individualizes the treatment employing the natural symptoms of disease and the common features of the specific human body. 
  10. Homeopathy, the remedies work on the mind as well as the body to alleviate tension, worry and anxiety. 
  11. Homeopathy treatment improves the harmony in the body of the person and leads to both professional and personal growth 
  12. Homeopathy reduces the incidence of diseases by strengthening the immune system. 
  13. Homeopathy offers excellent prevention and treatment for all acute, sub-acute, chronic diseases.

33 टिप्‍पणियां:

  1. बेहद उपयोगी जानकारी राजेंदर जी,आभार।

    --सबसे बड़ा पुण्य --

    उत्तर देंहटाएं
  2. पित्त की थैली की पथरी के लिए होम्योपैथी में क्या इलाज हैं ?

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. पित पथरी का इलाज थोडा मुश्किल होता इसमें धैर्य की आवश्यकता होती है,होम्योपैथी में कैलेकेरिया कार्ब,चाइना,मेन्था पिप,CARDUUS MARIANUS Q आदि औषधियां प्रयुक्त होती हैं.

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  3. बहुत ही लाभप्रद जानकारी दिए होमोपथी के बारे में.

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  4. होमियोपैथिक चिकित्सा वाकई लाभकारी है,आभार.

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  5. उतम जानकारी, धीमी ज़रूर है किन्तु असरदार भी बहुत है। वह भी बिना किसी साइड इफैक्ट के इसलिए मुझे भी यह पद्धति पसंद है।

    उत्तर देंहटाएं
  6. होमिओपथी तो सर्वोतम है आज के युग में,परन्तु लोगो के पास टाइम ही नही होता,धीमी सही असरदार है.

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत ही उपयोगी और उत्तम प्रस्तुति,आकस्मिक उपचार के बारे में भी जानकारी दे,धन्यबाद.

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  8. जनाब हम होम्योपैथी के बचपन से ही दीवाने हैं और आपकी इस पोस्ट को पढ़कर दीवानगी और बढ़ गई है. लिखते रहिये...

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    उत्तर
    1. आपका स्वागत है सुमित जी,होम्योपैथी है ही रोचक पद्धति.

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  9. होम्योपैथिक चिकित्सा में कमर दर्दका क्या इलाज है इस प्रकाश डालें.बहुत ही लाभप्रद जानकारी.

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    उत्तर
    1. इस पर भी अभी पोस्ट अवश्य लिखने का प्रयास करेंगे,आभार.

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  10. बहुत अच्छी जानकारी..
    वाल्व डैमेज(rhumatic heart disease) में होम्योपैथिक चिकित्सा कारगर हो सकती है क्या..

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    उत्तर
    1. वाल्व डैमेज होने और केवल शल्य क्रिया ही विकल्प है.हर्ट में कई होमियो दवाएं उपयोगी हैं परन्तु डॉक्टर की देखरेख में ही सम्भव है.

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  11. सार्थक जानकारी ...
    उपयोगी है ये चिकित्सा खास कर पुरानी बिमारी में ...

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  12. मुझे पित्त की थैली में पथरी है। अल्ट्रासाऊंड रिपोर्ट में मल्टीपल ग्रैनुली बताया है। कृपया होमियोपैथी दवा, मात्रा तथा लेने की विधि विस्तृत रूप से बताने की कृपा करें। मैं ऑपरेशन नहीं कराना चाहती।

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    उत्तर
    1. कृपया मुझे ईमेल करें,यहाँ तो पूरा लिखना सम्भव नही है.

      rajendra651@gmail.com

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  13. sir , very noble work about homeopathy
    i will certainly aware my peoples about this therpy

    i used carbo veg , nux-vommica .
    tremendous results

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  14. सर मेरे हर्ट का आपरेशन दो वर्ष पहले हुआ था लेकिन अभी भी साँस लेने मेँ दिक्कत आती है और दम भी जल्दी फुलने लगता है गहरा साँस ठीक से नही ले पाता अगर मुँह के सहारे साँस ना लूँ तो दम घुँटने लगता है।मुझे सलाह दे कि मैँ क्या करुँ,,आप जबाब मेरे इमेल पर भेज देँ Amanudaipur09@gmail.com

    उत्तर देंहटाएं
  15. मै पेट के ulcer से परेशान हूँ ..... काफी दर्द भी होता है और कुछ दिन पहले तो शौच काला रंग का हो रहा था ..एंडोस्कोपी टेस्ट के बाद पता चल की ये बैक्टीरियल इन्फेक्शन है पेट में ..... मुझे कोई उपचार अवं समाधान बताएं .... आभार एवं धन्यवाद !!

    उत्तर देंहटाएं
  16. सर मुझे शीघ्रपतन की दिक्कत है। नसे ढीली हो गई है कोई होमियोपैथ इलाज बताये

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आप ईमेल करें पूरी जानकारी के साथ, उम्र,शादी, समय, एक दूसरे से सम्बन्ध आदि का विवरण के साथ।
      rajendra651@gmail.com

      हटाएं
  17. कृष्ण कुमार वर्मा30 नवंबर 2016 को 7:13 am

    सर, मेरे पापा की दो साल पहले Angioplasty हुई थी। अभी भी कभी कभी सीने में दर्द हो जाता है, कृपया उपाय बतायें।

    उत्तर देंहटाएं

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।हमारी जानकारी-आपका विचार.आपकी मार्गदर्शन की आवश्यकता है, आपकी टिप्पणियाँ उत्साहवर्धन करती है....आभार !!!