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मंगलवार, 2 अप्रैल 2013

साँस की बदबु:हँसी के कारण




"भले ही इंसान का व्यक्तित्व कितना ही अच्छा क्यों न हो मगर   उसकी एक कमी उसे लोगों के बीच हंसी का पात्र बना सकती है।"
आज हम एक ऐसी आम समस्या के बारे में चर्चा करेंगें जो अधिकांश लोगो में पाई जाती है,वह है हमारे सांसों की दुर्गन्ध. 

                                      क्या आपके मित्र, आपके पास बैठने से कतराते हैं? सफर करते समय अगल-बगल में बैठे लोग नाक पर रूमाल रख आप से बातचीत करते हैं? लोगों के इस व्यवहार को चेतावनी समझें। जरूर आपके मुंह से आती दुर्गन्ध इसकी वजह है। सांस की बदबू से लोगों को अक्सर सामाजिक जगहों पर शर्मिंदा होना पड़ता है। सांस की बदबू (हैलाटोसिस) अक्सर मुंह एक बैक्टेरिया से होती है। इस बैक्टेरिया से निकलने वाले ‘सल्फर कम्पाउंड’ की वजह से सांस की बदबू पैदा होती है। कई बार तो लोग इस समस्या से अंजान होते हैं। इस बदबू के कई कारण होते हैं, जैसे-गंदे दांत, पाचन की समस्या और धूम्रपान। जमी हुई श्लेष्मा और नाक और गले की नली, पेट और आंत की नली, मूत्र नली, रक्त में जमने वाले अन्य विषैले पदार्थों से भी सांस की बदबू उत्पन्न होती है।आप चाहें तो इससे छुटकारा पा सकती है।

सांसों की दुर्गंध से बचने के उपाय

  • भोजन में ताज़ी और रेशेदार सब्जि़यों का सेवन।
  • लौंग को हल्का भुनकर चूसें।
  • प्रजमोदा (पार्सली) को माउथवॉश के रूप में इस्तेमाल करें, तो सांस की बदबू के लिए यह काफी कारगर साबित होती है।
  • गर्म पानी में नमक‍ डालकर कुल्ला और गरारें करें।
  • त्रिफला की जड़ की छाल को मुंह में रखकर चबायें।
  • पार्सली की टहनियों को बारीक काटकर, दो से तीन लवंग या चौथाई चम्मच पीसे हुए लवंग को दो कप पानी में उबालें। इसे ठंडा होने पर दिन में कई बार माउथवॉश की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • जीरे को भुनकर खाने से भी सांसों की दुर्गंध दूर होती है।
  • प्रतिदिन भोजन करने के बाद तुलसी के पत्ते या इलायची चबायें।
  • पुदीने को पीसकर पानी में घोलें और दिन में 2 से 3 बार इस पानी से कुल्ला करें ।
  • पानी खूब पीयें और पेट को साफ रखें।
  • सुबह और सोने से पहले दांतों की सफाई करें और ब्रश करने के अलावा बीच-बीच में कुल्ला भी करें।
  • दालचीनी, सुगंधित इलायची, सोया के दाने चबाने और सिया जीरा के तेल से कुल्ला करने से सांस की बदबू मिटती है।
  • प्रति‍दिन सुबह एक गिलास पानी में एक नीबू निचोड़कर इस पानी से कुल्ला करें।
  • धूप में सूखे हुए तुलसी के पत्तों को पीसकर, उसे सरसों के तेल में मिलाकर मिश्रण बनाएं और इसे टूथपेस्ट की तरह इस्तेमाल करें। इसे न केवल सांस की बदबू बल्कि दातों को स्वस्थ रखने में, मसूड़ों की मालिश में,पाइरिया और दांतों की अन्य तकलीफों को दूर करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • मुहँ को हमेशा गीला रखें.जब आपका मुंह सूखने लगे, चीनी मुक्त गम का इस्तेमाल करें।
  • मेथी के बीज से बनी चाय से सांस की बदबू के साथ-साथ शरीर की दुर्गंध भी मिटती है।
  • जीभ साफ करने के लिए जीभी का उपयोग करें और जीभ के अंतिम छोर तक सफाई करें।
  • अगर किसी भी चीज को कहने से मुहं से दुर्गन्ध आ रही हो तो दो तीन चम्मच ताजी दही खा लेने पर दुर्गन्ध आना बंद हो जाता है.


अंत में कुछ होमियोपैथिक समाधान :
आर्निका : किसी भी कारण से मुख से दुर्गन्ध आने पर इसकी ३० शक्ति में प्रयोग करें दिन में तीन बार.
साइलीशिया : टोंसिल में मवाद पद जाने,दुर्गन्धित मवाद,श्वास जैसे लक्षणों में 12X वायोकेमिक का सेवन करें.
कैली फास : स्वर रज्जु में गेंगरिन हो जाना एवं मुख से तीखी दुर्गन्ध आने पर कैली फास ३० लाभप्रद होता है.
केपिस्क्म : धूम्रपान एवं मदिरापान की गंभीर आदत,गले में सूजन और दर्द,पेट में अम्लता और मुख से खट्टी दुर्गन्ध आने पर २०० शक्ति उपयोगी है.
कर्वोवेज : भोजन का नहीं पच पाना,इस कर्ण सड़ांध होने से श्वास में दुर्गन्ध होने पर इसकी 12X वायोकेमिक रूप में लेना चाहिए.
सिम्फाईटम : इसके मूल अर्क Q से बनाये पानी से भी कुल्ला करने पर मुख की बदबू खत्म होती है.

15 टिप्‍पणियां:

  1. sundar aur sakaratmk prastuti,khoosbu bikherne ka behatareen nazariya

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  2. महत्त्वपूर्ण जानकारी है धन्यवाद्...

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  3. अच्छी जानकारी दी अपने आभार

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  4. अच्छी जानकारी ओर इसे दूर करने के घरेलू उपाय भी दिए हैं आपने ...
    बहुत खूब ... शुक्रिया आपका ...

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  5. जी हाँ बहुत लोगो की यह समस्या रहती है,बहुत ही लाभप्रद जानकारी शुक्रिया.

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  6. बहुत सुन्दर और उपयोगी जानकारी आपने उपलब्ध कराई है। आपका आभार!

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  7. अच्छी जानकारी के लिए आभार ..

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  8. अती उतम - आपका धन्यवाद...?

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