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रविवार, 9 जून 2013

तनाव से जुड़े भ्रम और तथ्य

 myths about stress
आइये आज हम जीवन में तनाव के बारे में जानते हैं।कामकाज के बोझ और व्यस्त रुटीन की इस जीवनशैली में तनाव की समस्या हमारे बीच बेहद आम है। अक्सर हम तनाव के बारे में जो धारणाएं पाल लेते हैं वे खुद कई बार हमारे लिए तनाव की स्थिति बन जाती हैं, जबकि उनका कोई वास्तविक आधार होता ही नहीं। जानिए, तनाव से जुड़ें ऐसे ही 5 मिथकों के बारे में।

मिथ 1- तनाव हमेशा बुरा ही होता है।
फैक्ट - तनाव हमेशा बुरा ही होता है यानी अगर आपको किसी भी बात का तनाव नहीं है तो आप बेहद खुश व स्वस्थ रहेंगे। असलियत यह है कि थोड़ा तनाव हमें मेहनत करने की प्रेरणा देता है। कई शोधों में यह सा‌बित हो चुका है कि जीवन में अगर तनाव न हो तो नीरसता भी जल्द घर करती है।

मिथ 2- हम नशे में भूल जाते हैं तनाव।
फैक्ट - अगर आप अपने दिन भर की थकान और तनाव से कुछ पल राहत पाने के लिए शराब का सहारा लेते हैं तो यह आपकी गलती होगी। डॉक्टरों का मानना है कि शराब के सेवन से शरीर में कार्टिजोल नामक हार्मोन बनता है जो तनाव बढ़ाता है। ऐसे में तनाव की स्थिति में शराब का सेवन फायदेमंद नहीं बल्कि और भी घातक है।

मिथ 3- अगर लक्षण नहीं दिख रहे तो स्ट्रेस का प्रभाव कम है।
फैक्ट - ऐसा जरूरी नहीं है। तनाव के जिन लक्षणों - अनिद्रा, वजन बढ़ने की बात हम करते हैं वे हमें तुरंत नहीं पता चलते हैं। कई बार तो स्ट्रोक या हार्ट अटैक के बाद हमें तनाव के इन लक्षणों का पता चल पाता है। ऐसे में अपना रुटीन चेकअप कराते रहें जिससे शरीर में होने वाले बदलावों और उनके कारणों की आपको पूरी जानकारी हो।

मिथ 4- अल्सर की वजह है तनाव।
फैक्ट - अक्सर लोग ऐसा मानते हैं कि अधिक तनाव वाले व्यक्ति को अल्सर होने की आशंका सबसे अधिक होती है जो गलत है।
अल्सर तनाव से नहीं होता बल्कि एक ऐसे बैक्टीरिया से होता है जो पेट और आंतों में जलन पैदा करता है। हो सकता है स्ट्रेस से पेट में गड़बड़ी हो लेकिन इसे अल्सर की वजह नहीं माना जा सकता है।

मिथ 5- तनाव के लक्षण सबके  लिए समान हैं।
फैक्ट - जिस तरह से तनाव के कई कारण हो सकते हैं, उसी तरह अलग-अलग लोगों में तनाव के अलग-अलग लक्षण दिखते हैं। तनाव को लेकर आपके शरीर की जो प्रतिक्रिया होती है, उसी आधार पर उसके लक्षण अलग-अलग होते हैं। मसलन, किसी को तनाव के दौरान चिढ़चिढ़ापन अधिक होता या नींद नहीं आती है तो किसी को अधिक नींद आती है या पेट खराब हो सकता है।


(ब्लॉग जगत से बीते दिनों दूर रहने के कारण मुझे भी तनाव हो गया था,कामकाजी जगहों पर तनाव का असर दूरगामी होता है. इससे उस व्यक्ति के व्यक्तित्व और उसके कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ता है.आशा है यह आलेख आपके लिए लाभप्रद होगा)

13 टिप्‍पणियां:

  1. लाभप्रद जानकारी
    धन्यवाद

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  2. behatareen , aaj ki tanaw bahri zindgi ke liye upyogi jankari

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  3. बेहतरीन और लाभप्रद जानकारी के लिए शुक्रिया :)

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  4. सहज-सरल भाषा में उपयोगी-लाभप्रद जानकारी.

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  5. बेहद लाभकारी जानकारी अच्छी लेख प्रस्तुति !!आभार

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  6. बहुत ही उपयोगी जानकारी, आभार.

    रामराम.

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  7. tanav par upyogi post....ye jankari jaroori bhi hai....aaj kay samay may bahut log grasit rehte hain issay.....share karne kay liye shukriya

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  8. बेहद उपयोगी जानकारी दी आपने राजेन्द्र जी आभार।

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  9. उपयोगी जानकारी . उत्तम होता यदि कुछ उपचारात्मक सुझाव भी सम्मिलित होते. बधाई.

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  10. बहुत ही लाभप्रद जानकारी दी आपने राजेंद्र जी

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  11. बिलकुल सही कहा आपने , मैं भी सहमत हूँ .....आभार

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  12. अच्छी लेख प्रस्तुति !!
    बेहद लाभकारी जानकारी
    आभार ....

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