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मंगलवार, 30 जनवरी 2018

मांसपेशियों के दर्द: Homeopathic treatment of muscle aches

मांसपेशियों में दर्द बहुत आम है, और कई अलग अलग चीजों के कारण हो सकता है। कोई चीज़ पकड़ते या उठाते हुए, सीढ़ियां चढ़ते हुए या फिर तेज भागने से मांसपेशियां खिंच सकती है। इसे मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव कहा जाता है। मांसपेशियों का ये खिंचाव हाथ, पैर, जोड़ों या पीठ में हो सकता है। इसके अलावा इससे घुटने, कंधे, कोहनी में सूजन या दर्द भी उठ सकता है। कभी कभी बहुत अधिक व्यायाम करने से भी मांसपेशियों में दर्द हो जाता है। आजकल की व्‍यस्‍त और भाग-दौड़ भरी दिनचर्या में मांसपेशियों में दर्द एक आम समस्‍या बन गई है। वैसे तो मांसपेशियों का दर्द किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन तीस से चालीस वर्ष की आयुवर्ग के युवाओं में यह समस्‍या तेजी से बढ़ रही है। इस दर्द का सामना कुछ लोगों को कभी-कभी होता है, लेकिन कुछ लोगों को स्थाई रूप से इसका सामना करना पड़ता है।
मांसपेशियों के दर्द को होम्योपैथिक औषधियों से दूर करने के लिए कुछ प्रभावी उपचार उपलब्ध है।

आर्निका: मांसपेशियों के दर्द में आर्निका एक प्रभावी औषधि है। चोट लगने या गिरने के कारण होनेवाले माँसपेशियों के दर्द में आर्निका उपयोगी है। चोट लगने में सबसे पहले आर्निका की तरफ ध्यान जाता है। इस औषधि के लोशन का बाह्य उपयोग भी लाभकारी है।

सिमसिफुएगा: इसे ऐक्टिया रेसिमोसा भी कहा जाता है। शारीरिक-लक्षणों के दब जाने पर मानसिक-लक्षणों का प्रकट हो जाना और मानसिक-लक्षणों के दब जाने पर शारीरिक-लक्षणों का प्रकट होना इस औषधि का विशेष गुण है। यह शीत-प्रधान औषधि है। Often times people that will benefit from cimicifuga are prone to depression and hormone imbalance.

नक्स वोमिका: नक्सवोमिका मासपेशियों के दर्द में काफी प्रभावी रूप से असर करती है। मासपेशियों के ऐठन, अकड़न का भाव दिखाई पड़ता है। Often times people that will benefit from nux vomica suffer from digestive problems such as heartburn or stomach aches and they are easily irritated or constantly feel fatigued.  नक्स प्रकृति का व्यक्ति बड़ा नाजुक-मिजाज (Oversensitive) होता है। ऊंची आवाज, तेज रोशनी, हवा का तेज झोंका – किसी चीज को बर्दाश्त नहीं कर सकता।  नक्स को जहां तक संभव हो, प्रात:काल नहीं देना चाहिये। औषधि लेने के बाद किसी प्रकार का मानसिक-कार्य-पढ़ना-लिखना, वाद-विवाद, ध्यान आदि नहीं करना चाहिये।

रस टॉक्स: विश्राम से रोग-वृद्धि; हरकत से रोग घटना, प्रथम हरकत से दर्द, गर्मी से, गर्मी सूखी हवा से रोग में कमी नमी या ठंड को न सह सकना, लगातार हरकत से रोग में कमी गर्मी या पसीने की हालत में भीग जाने या ठंड लगने से उत्पन्न हुए रोग मांसपेशियों के अकड़ जाने से उनमें दर्द होने से बेचैनी आदि लक्षण रहने पर यह औषधि कारगर है मांसपेशियों के दर्द में। इस औषधि का मुख्य प्रभाव मांसपेशियों, पुट्ठों पर होता है। मांसपेशियों के पुट्ठे अकड़ जाते हैं, दर्द करने लगते हैं। This treatment works best if the symptoms tend to improve when the person is active or applies warm applications.

इन मुख्य औषधियों के अलावा बहुत सारी होमियोपैथिक औषधियाँ जो मांसपेशियों के दर्द में लक्षणानुसार उपयोग की जाती हैं, जैसे की ब्रायोनिया, मैग फास, क्यूप्रम मेटालिकम ,रूटा  आदि।    


8 टिप्‍पणियां:

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