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शनिवार, 22 अप्रैल 2017

होमियोपैथिक फर्स्ट एड बॉक्स (Homeopathic Emergency Kit)

प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा की स्थिति में आप एक होम्योपैथी आपातकालीन किट सहायता से आप चिकित्सा कर सकते हैं। एक तो होम्योपैथिक उपचार सस्ते, प्रभावी होते हैं, और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है यह चिकित्सा विज्ञान शरीर को उत्तेजित करने के लिए प्राकृतिक पदार्थों का उपयोग करता है। अधिकांश होम्योपैथिक उपचार जड़ी-बूटियों और खनिजों से बने होते हैं, और वे 200 साल पहले की खोज के सिद्धांत पर आधारित होते हैं कि स्वस्थ व्यक्ति में लक्षण पैदा करने वाला पदार्थ बीमार व्यक्ति में उसी लक्षण का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। साधारण होमियोपैथी की जानकारी रखने वालों को भी ये किट हर घर में रखना चाहिए। 
Homeopathy is best known for its treatment of acute and chronic disease but it also has a lot to offer emergency medicine; the correct remedy acts with remarkable speed in life-threatening situations.


1.पेट्रोलियम 30- कार, बस आदि से यात्रा के दौरान उल्टी आए, जी मिचलाए या चक्कर आएं।

2.इपिकाक 30- सामान्य तौर पर उबकाई आए, उल्टी आए, जी मिचलाए या चक्कर आएं।

3.कार्बोवेज 30-जब रोगी ठंडा पड़ जाता है, नब्ज़ भी कठिनाई से मिलती है, शरीर पर ठंडे पसीने आने लगते हैं, चेहरे पर मृत्यु खेलने लगती है, अगर रोगी बच सकता है तब इस औषधि से रोगी के प्राण लौट आते हैं।

4.नक्स 200- गैस, अफारा, अपच, एसिडिटी, उल्टी, दस्त, कमजोरी, कब्ज।

5.पल्सेटिला 30- उदर विकार यदि आइस्क्रीम, केक, पेस्ट्री, घी या तली- भुनी चीजें खाने से हो।

6.जैलसीमियम 30- मौसम या स्थान परिवर्तन से उत्पन्न जुकाम, नजला, खांसी, बुखार।

7.आर्सेनिक एल्ब 30- सामान्य या पुराना नजला, जुकाम, छीकें, श्वास कष्ट, दर्द, बुखार।

8.अर्निका 200- गुम चोट, मोच, मानसिक थकान, भागदौड़ से उत्पन्न तनाव।

9.एकोनाइट 30- सर्दी में कॉमन कोल्ड से राहत हेतु, नींद लाने के लिए।

10.केलेंडुला- त्वचा के कटने-फटने से उत्पन्न घाव।(मूल अर्क) तथा मूल अर्क को बराबर पानी में मिलाकर घाव साफ करें और कैलेंडुला 30 कैलेंडुला 30 की 6-7 गोली तीन-तीन घंटे पर घाव सुखाने के लिए सेवन करें।

11.मेग फास 200- पेट दर्द, मासिक धर्म के दौरान पेडू में दर्द, चक्कर।

12.बेलाडोना 30- सिरदर्द, कान दर्द, लू लगना, आंख की लाली।

13.प्लेन्टेगो 30- दांत दर्द, कान दर्द, बवासीर।

14.यूप्रेशिया 6- कंजक्टेराइटिस (आंख लाल, सूजन, मवाद, चिपकना, दर्द इत्यादि।

15.सीपिया 200-ल्यूकोरिया (श्वेत प्रदर)

16.हेमेमलिस- रक्त प्रदर। माह में एक से अधिक बार मासिक स्राव या अधिक दिनों तक स्राव।

17.क्रोटन टिग 30- पतले दस्त, पिचकारी की भांति मल निकलना, हरा या फटा हुआ मल।

18.रेस्क्यू रेमेडी- चक्कर, मूच्छा, बेहोशी, घबराहट, बिजली का शाक।

19.ग्रेफाइटिस 30- बच्चा तुतलाकर बोलता हो, अंधेरे से डरता हो, चर्म विकार, एग्जिमा।

20.क्रोल्चिकम 30- मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, लाली, सूजन, पेट खराब, ठंड से कष्ट बढ़े।

21.सेनेगा- सांस फूलना, छाती में कफ का बोझ, सांस लेने में तकलीफ, प्रौढ़ावस्था में।

22.कैलिकेरिया कार्ब 30- बच्चों के दांत निकलते समय के रोग, बच्चा मुंह में उंगली डाले।