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मंगलवार, 14 मई 2013

कंप्यूटर से हुए थकान से निजात पाएं

आज की खबर :

क्या घंटों तक कंप्यूटर पर टाइप करने या माउस चलाने से आपके हाथों में दर्द होता है? या फिर कई बार देर तक लिखने-पढ़ने के काम से हाथों में जकड़न महसूस होती है?इस बार हम योग टिप्स लाएँ हैं उन लोगों के लिए जो कंप्यूटर पर लगातार आठ से दस घंटे काम करके कई तरह के रोगों का शिकार हो जाते हैं या फिर तनाव व थकान से ग्रस्त रहते हैं। निश्‍चित ही कंप्यूटर पर लगातार आँखे गड़ाए रखने के अपने नुकसान तो हैं ही इसके अलावा भी ऐसी कई छोटी-छोटी समस्याएँ भी पैदा होती है, जिससे हम जाने-अनजाने लड़ते रहते हैं।

अगर ऐसा है तो आप काम के दौरान ही हाथों की इन सात आसान कसरतों से आराम महसूस कर सकते हैं।


कसकर मुट्ठी बांधे

इससे हथेली और उंगलियों की जकड़न खुलेगी और हाथों में दर्द नहीं होगा।

अंगूठे को भीतर करके मुट्ठी बनाएं।

मुट्ठी को 30 से 60 सेकंड के लिए टाइट करें।
पूरी तरह हाथ को ढीला छोड़ दें।
लगातार चार बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।

उंगलियों का फैलाएं
लगातार टाइप करने या माउस पकड़ने से उंगलियों के दर्द में आराम मिलेगा।
हथेली को सीधा टेबल पर रखें।
अब हाथों की उंगलियों पर थोड़ा बल देते हुए उंगलियों को स्ट्रेच करें।
करीब 30 से 60 सेकंड तक इसी अवस्था में रखें।
हाथ को ढीला छोड़ दें।
लगातार चार बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।

हथेली को फैलाएं
इससे हथेली की मांसपेशियों का तनाव कम होगा और उंगलियां तेजी से चलेंगी।
दोनों हाथों को सीधा करें और हथेली को मुंह के सामने सीधा रखें।
अब उंगलियों को ज्वाइंट से हथेली की ओर मोड़ें।
हथेली अधखुली मुट्ठी की तरह दिखनी चाहिए।
30 से 60 सेकंड इसी अवस्था में रहें।
इस प्रक्रिया को लगातार चार बार दोहराएं।

पकड़ बनाएं
हथेली की पकड़ मजबूत करने और स्ट्रेच के लिए सॉफ्ट बॉल मिलती है। उसे हमेशा अपनी डेस्क पर रखें।
सॉफ्ट बॉल को अच्छी तरह से पकड़ें और दम लगाकर निचोड़ने का प्रयास करें।
10 से 15 सेकंड तक इस अवस्था में रहें।
इसे आठ से 10 बार दोहराएं।
सप्ताह में दो से तीन बार इस कसरत को करने से हाथों के ज्वाइंट्स खुल जाते हैं।
उंगलियों को उठाएं
इससे उंगलियों की लचक बढ़ती है और देर तक कान के बावजूद भी दर्द नहीं होता।

हथेली को टेबल पर सीधा रखें।
अब पहली इंगली को टेबल से ऊपर उठाएं और कुछ क्षण बाद नीचे रखें।
बारी-बारी सभी उंगलियों के साथ यह प्रक्रिया दोहराएं।
आठ से 12 बार इस पूरी प्रक्रिया को दोहराएं।

अंगूठे के लिए
इससे अंगूठे की मांसपेशियां मजबूत होंगी और लचीलापन बढ़ेगा।
हाथ को टेबल पर सीधा रखें और अपनी चारों उंगलियों को हल्के रबर बैंड से बांध लें।
अब अंगूठे को 30 से 60 सेकंड तक उंगलियों से दूर खींचें।
इस प्रक्रिया को 10 से 15 बार करें।
सप्ताह में तीन दिन भी यह कसरत फायदेमंद है।

विशेषज्ञों ने कहा है कि आंखों की पलझें झपकाने और बीस फिट की दूरी पर रखी वस्तु की ओर देखने से इस दर्द से बचा जा सकता है। बस 20-20-20 के फ़ार्मूले का पालन करना होगा अर्थात बीस मिनट बाद बीस फ़िट दूर बीस सेकेंड तक देखें।

कुछ और जानकारी के लिए (यहाँ क्लिक करें)

सोमवार, 25 फ़रवरी 2013

कंप्यूटर पर काम करना

कम्प्यूटर पर काम करने के बाद भी कैसे रहें तरोताजा?

 

आजकल कम्प्यूटर हम सभी कीजिंदगी की जरुरत बन गया है। वर्कप्लेस हो या घर हम बिना कम्प्यूटर के अपना काम नहीं कर सकते हैं। यही कारण है कि कम्प्यूटर पर काम करते हुए थकान हो जाने के बावजूद भी हम लगातार कम्प्यूटर पर काम करते रहते हैं।
ऐसे में ये भी एक परेशानी है कि हम कम्प्यूटर पर काम को करते हुए भी किस तरह अपने वर्क में 100 प्रतिशत तक दे सकते हैं। अगर आपके साथ भी यही समस्या है कि आप कम्प्यूटर पर बहुत ज्यादा काम के बोझ के कारण होने वाली थकान के चलते ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं तो हम देते हैं आपको कुछ ऐसे टिप्स जिनसे आप कम्प्यूटर पर कई घंटो तक काम करने के बावजूद भी तरोताजा रह सकते हैं।

१.  बेवजह कम्प्यूटर का इस्तेमाल न करें।
२.  कम्प्यूटर पर कार्य करते समय कुर्सी सही डिजाइन की होनी चाहिए।
३.  कुर्सी में पूरी पीठ हत्थे पर होनी चाहिए। जिससे बैठते समय कमर, पीठ और हाथों को सहारा मिले।
४.  की-बोर्ड माउस को 90 कोण पर मुड़ी कोहनी की सीध में रखें, बेहतर होगा की बोर्ड थोड़ा ढलान पर हों।
.  जांघे जमीन के समांतर टखने समकोण पर मुड़े हो, आवश्यक होने पर पैरों को फुट रेस्ट सहारा दें।
६. - कम्प्यूटर पर कार्य करते समय फोन को कंधों और गर्दन से दबा कर बात न करें।
७. - देर तक टेलीफोन से बात करने के लिए हेडफोन उपयोग करें।
८. - कार्य करते समय शरीर ढीला रखें मन शांत रखें।
९.  की-बोर्ड माउस का उपयोग कम करने के लिए आवाज पहचान कर कार्य करने वाले सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
१० .मॉनीटर की चमक, परावर्तन कम करने के लिए एण्टीग्लेमर कोटिंग या ग्लास लगाएं।
११ . कुछ घंटे कंप्यूटर पर काम  करने के बाद थोड़ी देर बहुत दूर की किसी दृश्य पर नजर केन्द्रित करे।
१२ . लंबे समय तक कम्प्यूटर पर काम करने वाले अधिकतर कर्मचारी एयर कंडीशन कमरों में बैठते हैं इससे हमारे शरीर की नमी कम होती है। उस नमी को बचा कर रखने के लिये दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिये। चाय, काफी, साफ्ट ड्रिंक पानी की कमी को पूरा नहीं करते बल्कि किडनी को इन्हें पचाने के लिए अतिरिक्त परिश्रम करना पड़ता पड़ता है।
१३ . अधिक लंबे समय तक मॉनीटर के सामने न बैठें। इससे आंखों में थकान होती है। लटकी टांगों में भी दर्द होता है। लगातार बैठे रहने से कमर में भी दर्द होता है। इससे बचने के लिये हर 30 से 40 मिनट के अंतराल में उठ जायं और आसपास चक्कर लगा लें ताकि आंखों, कमर और टांगों को आराम मिल जाये।
१४ . प्रयास करें यदि खिड़की से हरियाली या पानी दिखाई देता हो तो अपना ध्यान वहां लगायें और प्रकृति का आन्द उठाएं। आंखों को अच्छा लगेगा।
१५ . कम्प्यूटर पर काम करते समय आंखों को झपकते रहें ताकि लगातार काम से आंखों में अधिक थकान न हो।
१६ . अपनी हथेलियों के कम बनायें और अपनी आंखों को इन कप से ढक लें। 20 से 25 बार आंखें खोलें और बंद करें जिससे आप की आंखों रिलैक्स महसूस करेंगी।
१७ . जब भी आपको आंखों में थकान महसूस हो या सुबह उठते समय अपनी आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें। इतनी आसान क्रिया से आपकी आंखों की जलन, लाली और एलर्जी ठीक हो जायेगी।
१८ . यदि आप ऐनक का प्रयोग करते हैं तो कम से कम दिन में एक बार ऐनक को अवश्य धोएं ताकि उस पर जमी मिट्टी या धूलकण आपकी नजर को प्रभावित न करें।


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