अक्सर तो गाय और भैंस का दूध ही उपलब्ध होता है उसके गुण भी ज्यादातर लोगों को पता होते हैं। गाय, भैंस के दूध के अलावा अन्य पशुओं का दूध भी पीने योग्य होता है पर उसकी उपलब्धता न होने के कारण बहुत से लोग उन पशुओं से अनभिज्ञ रहते हैं। बकरी, ऊंटनी, भेड़ घोड़ी, गधी का दूध भी पीने योग्य होता है। उनके दूध में कई गुण होते हैं। आइये जाने विभिन्न दूधों के गुणों के बारे में :
गाय का दूध
* गाय का दूध सर्वोत्तम गुणों वाला होता हैं। इसके दूध की तुलना माँ के दूध के साथ की जाती है।
* गाय का दूध आयुवर्ध्दक होता है।
* यह पित नाशक होता है।
* गाय का दूध वीर्य वर्ध्दक और पुष्टकरण होता है
* गाय का दूध बुध्दि वर्ध्दक होता है।
* हृदय रोगियों, दृष्टि संबंधी रोगियों के लिए गाय का दूध लाभदायक होता है।
* कब्ज दूर करता है।
* गाय का दूध बचपन का विकास करने, यौवन को बनाए रखने और बुढ़ापे को दूर रखने में उपयोगी होता है।
* गाय का घी भी कई प्रकार के विकारों को दूर करता है।
भैंस का दूध
* भैंस का दूध आसानी से उपलब्ध होता है।
* भैंस का दूध अधिका चिकनाई युक्त होता है। इस दूध के सेवन से मोटापा बढ़ता है।
* भैंस का दूध मीठा, रसयुक्त होता है।
* भैंस का दूध भारी होता है इसलिए यह स्फूर्तिनाशक होता है।
* अनिद्रा दूर करता है। सोने से पूर्व इसे पीने से नींद अच्छी आती है।
* भैंस का दूध वीर्यवर्ध्दक और कामशक्तिवर्ध्दक होता है।
बकरी का दूध
* बकरी का दूध सुपाच्य होता है, तासीर में ठंडा होता है।
* बकरी दूध अपने आपमें एक औषधि है।
* यह कफ का नाश करता है, रक्त विकार दूर करता है।
* बकरी के दूध को उबाल कर पीना चाहिए। इसमें विशेष प्रकार की एक गंध होती है।
भेड़ का दूध
* भेड़ का दूध नमकयुक्त मिठास के लिए होता है। मधुमेह और पथरी रोग के लिए लाभप्रद है। हृदय रोगियों के लिए इसका सेवन ठीक नहीं है
ऊंटनी का दूध
* ऊंटनी का दूध हल्का और नमकीन होता है, पीने में सुपाच्य होता है। खूनी बवासीर, यकृत संबंधी और पीलिया रोग में विशेष लाभप्रद होता है। त्वचा रोग और सूजन आदि भी कम होती है।
घोड़ी का दूध
* घोड़ी का दूध बल वीर्यवर्ध्दक होता है। स्फूर्ति दायक है। श्वास रोगों में लाभप्रद है। गुण में हल्का है।




