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शनिवार, 23 मार्च 2013

"त्वचा की देखभाल: कुछ उपयोगी नुस्खे"


 

 

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में इन तीन बातों की अत्यधिक आवश्यकता होती है स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन तथा सम्मानित जीवन। सुख का आधार स्वास्थ्य है तथा सुखी जीवन ही सम्मान के योग्य है।आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा एक निर्दोष चिकित्सा पद्धति है। इस चिकित्सा पद्धति से रोगों का पूर्ण उन्मूलन होता है और इसकी कोई भी औषध दुष्प्रभाव (साईड इफेक्ट) उत्पन्न नहीं करती। एलोपैथी में रोग की खोज के विकसित साधन तो उपलब्ध हैं लेकिन दवाइयों की प्रतिक्रिया (रिएक्शन) तथा दुष्प्रभाव (साईड इफेक्टस) बहुत हैं। अर्थात् दवाइयाँ निर्दोष नहीं हैं क्योंकि वे दवाइयाँ बाह्य प्रयोगों एवं बहिरंग साधनों द्वारा खोजी गई हैं।आज इसी क्रम में हम त्वचा के लिए कुछ उपयोगी नुस्खो के बारे में चर्चा करेंगे.....

  • ·        बथुए की भाजी को पानी में उबालकर उस पानी से हाथ-पैर धोने से त्वचा मुलायम हो जाती है।

    ·         जौ का आटा और शहद का गाढ़ा पेस्ट बनाकर चेहरे, गले, हाथ पर लगायें। थोड़ा सूख जाने के बाद इस पेस्ट के उपर दही का लेप लगायें। लगभग 30 मिनट बाद गुनगुने पानी से चेहरा, गला, हाथ साफ कर लें। ऐसा करने से चेहरे, गला, हाथ पर जो दाग होते हे वह साफ हो जाते है एवं चेहरे पर झुरियां भी नहीं पड़ेगी।

    ·         जैतून के तेल में कुछ बुदें नीबू के रस की मिलाकर चेहरे पर लगाने से दाग साफ होते है।

    ·        नाभि में प्रतिदिन सरसों तेल या शुद्ध घी रात में लगाकर थोड़ी देर चुपड़ना चाहिए इससे होठ नहीं फटते। होंठ मुलायम, चमकीले व गुलाबी हो जाते हैं।

    ·         फटी बिवाइयों में सरसों का तेल व मोम पिघलाकर सूखी मेहंदी बुरक दें व गुनगुना ही बिवाइयों में भरें, दो-तीन बार के प्रयोग में ही लाभ होगा।तलवें और एडियाँ मुलायम हो जायेंगे।

    ·         झाइयाँ अकसर पेट की खराबी से ही होती हैं या फिर अधिक तनावग्रस्त रहने से। अत: हमेशा खुश रहें, चिंता को पास न फटकने दें, खूब पानी पिएँ, दिन में कम से कम एक बार नीबू निचोड़कर पिएँ।

    ·        सफेद जीरा, काला जीरा, सरसों और काला तिल बराबर मात्रा में लेकर गाय के दूध में पीसकर उबटन करने से झाइयाँ और चेहरे के दाग दूर हो जाते हैं। चेहरा खिल उठता है.

    ·        एक चम्मच दुध की ठंडी मलाई में नींबु के रस की चार पाँच बूंदें मिलाकर झुर्रियाँ पर सोते समय अच्छी तरह मलें। फिर गुनगुने पानी से चेहरा अच्छी तरह धोएं और बाद में तौलिए से रगड-पोंछकर सुखा लें। इसके बाद मलाई दोनों हथेलियों से तब तक मलते रहें जब तक कि मलाई घुलकर त्वचा में रम न जाए। आधा घण्टे बाद पानी से धो डालें परन्तु साबुन या शम्पू का प्रयोग न करें। रोज १५ - २० दिन तक नियमित प्रयोग से झुर्रियाँ दुर होती हैं तथा चेहरे के काले दाग मिट जाते हैं।

    ·         त्वचा की झुर्रियाँ मिटाने के लिए आधा गिलास गाजर का रस नित्य शाम चार बजे दो तीन सप्ताह लें।

    ·         स्‍नान करने के बाद जैतून के तेल से त्चचा की मालिश करें। उंगलियों के पोरो को तेल मे डुबाकर झूर्रियों के विपरित दिशा मे मालिश करने से त्वचा की झूर्रियों दूर होती है।

    ·         कच्चे दूध मे रुइ या मुलायम कपड़ा भिगोकर चेहरे, गर्दन, हाथों के त्चचा पर धीरे धीरे मलें । १०-१५ मिनट के बाद त्वचा ठंडे पाने से धो लें। निरंतर इस प्रयोग से चेहरे की झूर्रियों दूर हो कर चेहरा स्‍निग्ध व कोमल बन जाता है।

    ·         गुनगुने पानी मे थोडा सा शुद्ध चनेका बेसन को घोल कर पेस्ट सा बना लें, इसे चेहरे के त्चचा पर मल कर त्चचा साफ कर लें । अब एक चम्मच शहद नीचे से उपर की तरफ लगाए। आधे घंटे बाद चेहरे व शहद लगे अन्य भागों को धो दें। यह प्रयोग लगातार ६-७ सप्‍ताह करते रहने से बढती उम्र के कारण उत्पन्न झूर्रियों दूर होती है।

    ·         बरगद का दूध चेहरे पर प्रतिदिन मलें। बीस मिनट बाद ठंडे पानी से धो डालें। बरगद के दूध में बहुत शक्ति व शीतलता होती है। इससे एक सप्ताह में आपकी छाइयाँ समाप्त हो जाएँगी। ध्यान रहे ये दूध बालों में न लगने पाए।

    ·         रात को सोने के एक घण्टा पहले एवं प्रात: स्नान एक घण्टा पहले चहरे और गले पर शहद की मालिस करने से त्वचा के रूखेपन, तैलीयपन से मुक्ति मिलती है तथा त्वचा एवं चेहरा चमकदार होता है। शहद जब सूखने लगे तो पानी से धो लें.

    ·         संतरे के छिल्कों को छाया में सुखाकर बनाया गया बारिक चूर्ण और बराबर मात्रा में बारीक पिसी हुई मुल्तानी मिट्टी दुगुनी मात्र में मिलाकर मिश्रण बना लें। इस मिश्रण को पन्द्रह मिनट पानी में भिगोने के बाद गाढ़ा घोल बना लें और इसका मुहांसों पर लेप करं। दस मिनट लगा रहने के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें.इस प्रकार ४-६ सप्ताह के प्रयोग से मुंहासे नष्ट हो जाते हैं।

    ·         संतरे के छिल्कों का महीन चुर्ण को गुलाब जल में मिलाकर बनाये गये घोल का लेप करने से चेहरे के मुंहासे नष्ट होते हैं तथा चेचक के दाग भी दूर होते हैं।

    ·         पके हुए पपीते का एक टुकडा काटकर चेहरे पर घिसें या गूदा मसलकर चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद स्नान कर लें। कुछ दिन लगातार ऐसा करने से चेहरे की झुर्रियाँ, धब्बे, दूर होते हैं, मैल नष्ट होता है। व मुहाँसे मिटकर चेहरे की रंगत निखरती है।

    ·         सेब को महीन पीस लें फिर उस में शहद तथा जौ का आटा मिलाकर हल्की आंच पर गर्म कर लें। इस गुनगुने पेस्ट को चेहरे पर लगायें, लगभग ३० मिनट में यह पेस्ट चेहरे पर सूख जाता हैं। इसे पहले गुनगुने पानी से धो लें, फिर शीतल जल से धो लें। ऐसा करने से चेहरा आकर्षक दिखायी देता हैं।

    ·        दो चमम्च मुलतानी मिट्टी, दो चमम्च चने का बेसन तथा गुलाबजल मिला लें। पेस्ट को गले-चेहरे पर अच्छी तरह से लगाकर 30 मिनट लगा रहने दें, और सूखने के बाद इसे धो लें । ऐसा कर ने से चहरे के रोम कूप खुलते है जिससे चेहरा स्वस्थ्य और सुंदर होता है।

    ·         चेहरे पर झुर्रियों हों ही न ऐसा करने के लिए अंकुरित चने व मूंग को सुबह व शाम खाएँ। इनमें विद्यमान विटामिन '' झुर्रियाँ मिटाने और युवा बनाये रखने में विशेष सहायक होता है।

22 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर और स्वास्थ्यवर्धक जानकारी !!
    आभार !!

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  2. बेहद उपयोगी एंव सुन्दर जानकारी राजेन्द्र जी।

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  3. त्वचा की देखभाल के लिए बहुत ही उपयोगी टिप्स,आभार.

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  4. बहुत अच्छी टिप्स दी हैं आप ने.

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  5. त्वचा की जवानी के लिए नायाब देशी नुस्खे लिए आये हैं आप .फाग मुबारक .

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  6. स्वास्थ पर इतनी महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए धन्यबाद,समाज से बढकर कोई उपकार नहीं.

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  7. बहुत ही बेहतरीन जानकारी,धन्यबाद.

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  8. बहुत ही उपयोगी जानकारी मिली, बहुत आभार.

    रामराम.

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  9. प्रयोग करने पड़ेंगे अच्छे टिप्स दिए है !

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    उत्तर
    1. आपका बहुत बहुत आभार सुमन जी.

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  10. लाभप्रद टिप्स,उपयोगी पोस्ट.

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इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।हमारी जानकारी-आपका विचार.आपकी मार्गदर्शन की आवश्यकता है, आपकी टिप्पणियाँ उत्साहवर्धन करती है....आभार !!!